Spirotech द्वारा समर्थित नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड-दिल्ली की डिजिटल लाइब्रेरी को इस पुस्तक की उपलब्धता की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है। पुस्तक का नाम है: अँधेरे बंद कमरे (Andhere Band Kamre) और लेखक: मोहन राकेश (Mohan Rakesh) मैं नौ साल के बाद दिल्ली आया, तो मुझे महसूस हुआ जैसे मेरे लिए यह एक बिल्कुल नया और अपरिचित शहर हो। जिन लोगों के साथ कभी मेरा रोज़ का उठना-बैठना था, उनमें से कई तो अब बिल्कुल ही नहीं पहचाने जाते थे, उनके नयन-नक्श वही थे, मगर उनके चेहरे के आसपास की हवा बिल्कुल और हो गयी थी। हम लोग कभी आमने-सामने पड़ जाते, तो हल्की-सी ‘हलो-हलो’ के बाद एक-दूसरे के पास से निकल जाते। और ‘हलो’ कहने में केवल होंठ ही हिलते थे, शब्द बाहर नहीं आते थे। कई बार मुझे लगता कि शायद मेरे चेहरे की हवा भी इस बीच इतनी बदल गयी है कि परिचय का सूत्र फिर से जोड़ने में दूसरे को भी मेरी तरह ही कठिनाई का अनुभव होता है। ये पुस्तकें केवल दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए NAB Delhi द्वारा सुलभ प्रारूप यानि accessible format में तैयार की गई हैं और सुगम्य पुस्तकालय ऑनलाइन लाइब्रेरी पर उपलब्ध हैं। सुगम्य पुस्तकालय की सदस्यता मुफ्त है। यदि आप सदस्य हैं, तो इस पुस्तक को Download करके पढ़ सकते हैं और यदि सदस्य नहीं है, तो जानकारी के लिए कृपया हमें इस नंबर पर संपर्क करें, मोबाइल नंबर: 9212319671, ईमेल आईडी: [email protected] हमें उम्मीद है कि आप प्रसिद्ध लेखकों द्वारा लिखित इन रोचक पुस्तकों का आनंद ले सकेंगे। https://youtu.be/76PXNkyGjcQ
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