पांचवें लुई ब्रेल विशेषांक के प्रकाशनार्थ रचनाएं आमन्‍त्रित

प्रिय साथियों,
   आपको विदित होगा कि नवम्‍बर 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 4
जनवरी अर्थात् लुई ब्रेल जयन्ती को प्रति वर्ष विश्व ब्रेल दिवस के रूप
में मनाने का निर्णय लिये जाने के पश्चात् 4 जनवरी 2019 को सम्पूर्ण
विश्व में प्रथम विश्व ब्रेल दिवस के रूप में मनाया गया। इसी उपलक्ष में
ऑल इंडिया कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ दि ब्लाइंड द्वारा प्रथम ‘लुई ब्रेल विशेषांक’
प्रकाशित किया गया। इस प्रयास को हमारे सुधी पाठकों का भरपूर सहयोग एवं
असीम स्नेह प्राप्त हुआ। अतः तब से प्रति वर्ष हिन्दी की लोकप्रिय ब्रेल
द्वैमासिक पत्रिका ‘जिज्ञासा’ के जनवरी-फ़रवरी के अंक को आप सबके अमूल्य
सहयोग से लुई ब्रेल विशेषांक के रूप में सम्पादित किया जा रहा है।
   चार विशेषांकों के निर्बाध प्रकाशन के पश्चात् 2023 के आगामि विश्व
ब्रेल दिवस के स्वर्णिम अवसर पर आपका परिसंघ पांचवें लुई ब्रेल विशेषांक
के लिए आपसे रचनाएं आमन्‍त्रित करता है। रचनाएं प्रेषित करने हेतु नियम
निम्नांकित हैं:
1.    ब्रेल लिपि अथवा लुई ब्रेल के व्यक्‍तित्व तथा कृतित्व पर आधारित आपकी
रचना लेख, संस्मरण, साक्षात्कार, कहानी अथवा कविता आदि विधाओं में से
किसी भी विधा में हो सकती है।
2.    कृपया अपनी रचनाएं मंगल या यूनिकोड फ़ॉन्ट में टंकित करके प्रेषित करने
का प्रयास करें।
3.    रचनाओं की अधिकतम शब्द सीमा 1500 शब्द होनी चाहिए।
4.    रचना मौलिक होनी चाहिए। साथ ही कहानी तथा कविता के अतिरिक्त अन्य सभी
रचनाएं प्रामाणिक होनी आवश्यक हैं।
5.    अंग्रेज़ी में लिखी कुछ उत्कृष्ट रचनाओं का हिन्दी अनुवाद भी प्रकाशित
किया जा सकता है। परन्तु ऐसी रचनाएं हमें अन्‍तिम तिथि से 15 दिन पूर्व
प्राप्त हो जानी चाहिए।
6.    व्यक्‍ति विशेष की रचना के अतिरिक्त देश का कोई भी स्वयं-सेवी संगठन
अपनी ब्रेल सम्बन्धी गतिविधियों पर आधारित आलेख विशेषांक में प्रकाशनार्थ
प्रेषित कर सकता है।
7.    आपकी रचनाएं ईमेल अथवा डाक के माध्यम से हमें दिनांक 31 दिसम्बर 2022
तक प्राप्त हो जानी चाहिए।
परिसंघ का पता:
ऑल इंडिया कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ दि ब्लाइंड, ब्रेल भवन, सेक्टर 5, रोहिणी, 
दिल्ली–110085।
ईमेल: [email protected]
सम्पादक का ईमेल: [email protected]
कार्यालय दूरभाष सं.: 011-27054082, 27050915

“I alone cannot change the world, but I can cast a stone across the waters to 
create many ripples.”

With kind regards,
Gauri Sen
Senior Personal Assistant,
Ministry of Defence
Defence Research and Development Organisation
Secretary,
All India Confederation of the Blind
 Sent from my iPhone

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