Published 14 Jan 2015 http://www.jagran.com/delhi/new-delhi-city-11978992.html शिप्रा सुमन, बाहरी दिल्ली
राजधानी में एक ओर जहां शहरी चकाचौंध की चमक है वहीं दूसरी तरफ झुग्गियों और पुनर्वासित कालोनियों में बसने वाली आबादी गरीबी का कड़वा सच भी मौजूद हैं। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो गरीबों को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार दिलाने में लगे हुए हैं। उन्हीं में से एक हैं मंगोलपुरी निवासी कपिल कुमार अग्रवाल। बचपन से ही पैरों से विकलांगता झेलने के बाद उन्होंने उसे अपना आत्मबल बनाया और अभावग्रस्त लोगों की मदद के लिए कार्य करने का फैसला लिया। यह उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि प्रतिवर्ष सैकड़ों गरीबों व अभावग्रस्त विकलांगों को रोजगार का प्रशिक्षिण देकर उनके लिए स्वरोजगार के द्वारा खुल रहे हैं। गरीबों को उपलब्ध कराए रोजगार के अवसर राजस्थान के अलवर जिले के 35 वर्षीय कपिल पिछले छह वर्षों से बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी क्षेत्र में विकलांगों और जरूरतमंद छात्रों को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। स्वयं अभाव और आर्थिक तंगी में जीवन बसर करने के बावजूद उन्होंने इन ग“ीब बच्चों को आर्थिक रूप से सबल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास किए। इसके तहत उन्होंने प्रतिभावान विकलांग और निर्धन छात्रों को स्कूल में प्रवेश दिलाया। उनके लिए पुस्तक व अन्य शिक्षण संबंधी सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ-साथ उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण के तहत कम्प्यूटर, टाई¨पग, शार्टहैंड, सिलाई-कढ़ाई जैसी विभिन्न कलाओं में निपुण बनाने का कार्य किया। ताकि उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। इसके अलावा वह विकलांगों के परिचय प्रमाण पत्र, बस व रेल के पास भी बनवाते हैं जिससे उन्हें कहीं आने-जाने में परेशानी न हो। अब तक उनके प्रयासों से हजारों विकलांगों और गरीबों को लाभ मिला है। दिखाया सफलता का मार्ग और पाया सम्मान आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होती। ऐसे में कपिल ने अपने प्रयासों से उन्हें विभिन्न प्रकार के नियमों से अवगत कराया। 16 लोगों की टीम के साथ बनाई गई समिति के माध्यम से कपिल अग्रवाल न“ गरीब बच्चों सहित गरीब महिलाओं को भी सबल बनाने का कार्य किया। विकलांगों के लिए किए गए प्रेरक कार्यों की बदौलत उन्हें वर्ष 2006 में भारत सरकार ने जिला युवा पुरस्कार और वर्ष 2008 में गॉडफ्रे फिलिप्स ब्रेवरी अवार्ड के तहत सिल्वर पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने भी उन्हें बेस्ट फाइटर अवार्ड से नवाजा। -- Avinash Shahi Doctoral student at Centre for Law and Governance JNU Celebrating Louis Braille birthday Jan4th Register at the dedicated AccessIndia list for discussing accessibility of mobile phones / Tabs on: http://mail.accessindia.org.in/mailman/listinfo/mobile.accessindia_accessindia.org.in Search for old postings at: http://www.mail-archive.com/[email protected]/ To unsubscribe send a message to [email protected] with the subject unsubscribe. To change your subscription to digest mode or make any other changes, please visit the list home page at http://accessindia.org.in/mailman/listinfo/accessindia_accessindia.org.in Disclaimer: 1. Contents of the mails, factual, or otherwise, reflect the thinking of the person sending the mail and AI in no way relates itself to its veracity; 2. AI cannot be held liable for any commission/omission based on the mails sent through this mailing list..
