Bihar Police now shines with dignity and glory
 
Shri D.N. Gautam now D.G.P. Bihar
 
A poet, a thinker,a gentleman but The Thoughest Police Officer of India, Shri 
D.N. Gautam has been posted as D.G.P. Bihar..Now, C.M.Shri Nitish Kumar has 
honoured the honesty, sincerety, dedication and impartiality.
 
Now I.P.S. officers of Bihar are thinking that Being D.N.Gautam also, one can 
be D.G.P. of the state..
Shri Gautam and Shri Kishor Kunal has been the milestones for the young I.P.S 
officers of Bihar..But, somehow, it was in their minds that thoughness with 
modesty, principled-stand with honesty, may block the shining career of I.P.S.
 
But, this dicision of the C.M. has kindled positiveness towards dutyfulness in 
hearts of the officers of Bihar.


 







             





























1974 बैच के आईपीएस अधिकारी देवकी नंदन गौतम प्रदेश के नये पुलिस महानिदेशक 
(डीजीपी)बनाये गए हैं, लेकिन प्रदेश की जनता उन्हें डीएन गौतम के नाम से बेहतर 
पहचानती है। उनकी नियुक्ति के साथ ही बिहार पुलिस के शिखर पद को लेकर जारी अटकलों 
को विराम लग गया है। बुधवार को अवकाश ग्रहण करने वाले डीजीपी शिवचंद्र झा से 
उन्होंने विधिवत पदभार भी ग्रहण कर लिया। अपनी कड़क और ईमानदार छवि को लेकर
 बहुचर्चित गौतम कतिपय कारणों से कई साल तक पुलिस प्रशासन के हाशिये पर रखे गये 
थे। वे एडीजी मुख्यालय का काम देख रहे थे। उन्हें प्रोन्नति देकर डीजीपी बनाया गया 
है। वे अगले साल जुलाई महीने में अवकाश ग्रहण करेंगे। डीजी रैंक में पहले से आशीष 
रंजन,आनंद शंकर और मनोज नाथ हैं। चुनावी साल में गौतम जैसे अधिकारी को प्रोन्नति 
देकर वरीयता लांघते हुए डीजीपी बनाया गया है। इस फैसले से
 राज्य सरकार ने बड़ा सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। संदेश यह भी है कि 
एडीजी मुख्यालय के रूप में चार माह पूर्व पोस्टिंग और मिली हुई जिम्मेदारी 
प्रकारांतर से इनका ट्रायल था, जिसमें ये सफल साबित हुए। इन्हें डीजी बनाने के बाद 
एडीजी विधि-व्यवस्था अनिल कुमार सिन्हा को एडीजी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप 
दिया गया है। पद संभालने के बाद गौतम ने कहा- युधिष्ठिर से
 यक्ष ने पूछा था कि सबसे बड़ा दान क्या होता है, उत्तर मिला-अभय दान। यही मिशन 
मेरा भी है। मैं जनता के लिए सुरक्षा का काम करूंगा। हर स्तर की पुलिस से सहयोग की 
अपेक्षा है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता है कि थाने में कोई 
शिकायत लेकर जाए तो उसका दर्द सुना जाए। उसकी शिकायत दूर हो। मुख्यमंत्री ने जो 
गुरुतर दायित्व सौंपा है, उसका निर्वहन करने का पूरा प्रयास
 करूंगा। जनता की सेवा के लिए मेरे कैरियर का यह अंतिम सोपान है। कोशिश होगी कि 
अच्छी पुलिस व्यवस्था प्रदान करूं। उभरती हुई चुनौतियों को स्वीकार कर उसका 
मुकाबला करना है। नये डीजीपी ने बड़े बेबाक अंदाज में कहा कि हमसे अगर कोई गलती, 
चूक हो जाए तो सहयोगी इंगित करें यह अपेक्षा होगी। वह सकारात्मक आलोचना सहर्ष 
स्वीकार करेंगे। गौतम को डीजीपी बनाने की खबर दोपहर से ही प्रशासनिक
 हलकों में तैरने लगी थी। मगर देर शाम अधिसूचना और शिवचन्द्र झा की विदाई के साथ 
पूरा मामला साफ हो गया। प्रभार का लेनदेन हुआ। उसके बाद मुख्य सचिवालय में 
अधिकारियों ने श्री झा के योगदान की चर्चा की। बाद में पुलिस मुख्यालय से 
अधिकारियों ने शिवचन्द्र झा को उनकी गाड़ी ठेलकर ससम्मान विदाई दी। गाड़ी में नये 
डीजी गौतम भी सवार हुए। ठेलने वालों में आईजी सीआईडी राजेश रंजन सहित
 अन्य अधिकारी थे। सचिवालय सभा कक्ष में आयोजित विदाई समारोह में प्रधान गृह सचिव 
अफजल अमानुल्लाह, डीजी सिविल डिफेंस मनोज नाथ, एडीजी विधि व्यवस्था अनिल सिन्हा, 
एडीजी सीआईडी यशवंत मल्होत्रा, एडीजी निगरानी नीलमणि, आईजी विशेष शाखा पीके ठाकुर, 
आईजी आपरेशन एसके भारद्वाज, पीएन राय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे।








 

sanjivjha
 

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