मोबाइल : आज की जरूरत पिछले कुछ दशकों से हमारे रोजाना जीवन में बहुत तबदीली हुई है । प्रतिदिन नई-नई वस्तुएं तथा नए-नए उत्पाद सामने आ रहे हैं जो जीवन शैली को तबदील कर रहे हैं । इन नए उत्पादों में से एक है मोबाइल । मोबाइल का अर्थ है चलता फिरता । इसका संबंध टेलीफोन से संबंधित है जो कि लैंड लाइन टेलीफोन से बिलकुल भिन्न है । इस टेलीफोन की विशेषता यह है कि इसे पर्स में या जेब में डालकर कहीं भी ले जाया जा सकता है । इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह तारों से नहीं जुड़ा होता बल्कि बिना तार के नैटवर्क से जुड़ा होता है ।
आजकल बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं जो प्रीपेड या पोस्टपेड क्नैक्शंस देती हैं । इसकी सहायता से व्यक्ति किसी भी समय अपने रिश्तेदारों तथा संबंधियों से जुड़ा रहता है । वह शहर में या देश में किसी भी जगह पर हो, उससे सम्पर्क किया जा सकता है । सोचने की बात यह है कि क्या मोबाइल फैशन का हिस्सा है या एक जरूरत है । प्रारंभ में जब मोबाइल फोन बाजार में आए तब इनका आकार बड़ा था तथा बहुत महंगे थे । किसी को फोन करने पर कॉल दर भी ज्यादा पड़ती थी । इसलिए कोई अमीर व्यक्ति ही मोबाइल रख सकता था । मोबाइल का इस्तेमाल अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है । कभी-कभी इसका इस्तेमाल लोगों पर अपना रोब जमाने के लिए किया जाता है । स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले व्यक्ति मोबाइल का इस्तेमाल अपना रोब जमाने के लिए करते हैं । माता-पिता बच्चों को मोबाइल लेकर देते हैं क्योंकि प्रतिदिन होने वाली वारदातों के कारण बच्चों के पास मोबाइल होने से दिनभर उनसे संबंध बना रहता है । आज बाजार में अनेक प्रकार के रंग–बिरंगे एवं सस्ते मोबाइल उपलब्ध हैं । अब मोबाइल केवल अमीर लोगों की पहुंच में ही नहीं बल्कि गरीब लोगों के लिए भी जरूरत का साधन बन गया है । आज रिका वाले, जमांदार, घर में काम करने वाली महिलाओं के पास भी मोबाइल फोन देखे जा सकते हैं । माता-पिता जब अपने बच्चों को बहुत मंहगे मोबाइल लेकर देते हैं तो बच्चों में लोक-दिखावे की भावना उजागर होती है । वे मोबाइल फोन को फैशन का हिस्सा समझते हैं । वे मोबाइल फोन का गलत इस्तेमाल करने से भी नहीं घबराते । एक दूसरे को अश्लील तस्वीरें एवं मैसेज भेजने से भी नहीं घबराते । यदि नौजवान पीढ़ी मोबाइल का सही प्रयोग करे तो मोबाइल उनके लिए वरदान सिद्ध हो सकता है । कुछ विद्यार्थी तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल गलत कामों के लिए करते हैं जैसे परीक्षा के दिनों में विद्यार्थी मोबाइल की नवनिर्मित तरक्की के माध्यम से परीक्षा में नकल करते हैं जो कि एक जुर्म है । इसके अतिरिक्त लडुकों के द्वारा लड़कियों के अश्लील एम .एम .एस. बनाकर लड़कियों को ब्लैकमेल करने की खबरें भी आए दिन समाचार में सुनने एवं पढ़ने को मिलती हैं जो कि बहुत ही शर्मनाक बात है । विज्ञान की इस तरक्की पर हमें खुश तो जरूर होना चाहिए परन्तु इसके द्वारा किए जा रहे दुरुपयोग को रोकना भी हमारा तथा सरकार का कर्त्तव्य है । ऐसी वस्तुओं का प्रयोग करने से पहले हमें इन चीजों के सही प्रयोग के विषय में बच्चों को जानकारी देनी चाहिए । माता-पिता को अपने बच्चों को महंगे मोबाइल नहीं लेकर देने चाहिए । मोबाइल फोन के अनेक लाभ होने के बावजूद भी इसका अधिक प्रयोग सेहत के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है । डॉक्टर वैज्ञानिकों का कहना है कि इसमें से निकलने वाली तरंगें मनुष्य के दिमाग पर असर कर सकती है । इसलिए इसका जरूरत से ज्यादा प्रयोग नहीं करना चाहिए । मोबाइल फोन की लोकप्रियता का कारण है मोबाइल कंपनियों की बढ़ोतरी । आज कंपनियां एक दूसरे से मुकाबले की दौड में कम से कम कीमतों पर मोबाइल उपलब्ध करवाती हैं ताकि गरीब व्यक्ति भी इसका प्रयोंग कर सके । पहले फोन करने के तो पैसे लगते ही थे साथ-साथ सुनने के भी पैसे लगते थे परन्तु अब केवल फोन करने के ही पैसे लगते हैं वो भी बहुत कम तथा फोन सुनने के कोई पैसे नहीं लगते । जहां भी देखो प्रत्येक व्यक्ति फोन का दीवाना है । ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे नौजवान पीढ़ी की जिन्दगी तो मोबाइल फोन के सहारे ही चल रही है । मोबाइल फोन संचार का सबसे बढ़िया तथा कम समय में जल्दी सेवा देने वाला फोन है । कहीं भी बैठे हों, किसी से भी बात की जा सकती है तथा संदेश भी पहुंचाया जा सकता है । यहां तक कि आज विवाह-शादी, दु खु-सुख या किसी और समारोह के संदेश भी मोबाइल द्वारा ही दिए जाते हैं । इससे समय की बहुत बचत होती है । कभी ऐसा समय था जब किसी को संदेश पहुंचाने के लिए पत्र लिखने का प्रचलन था । फिर टेलीफोन पर बात करने के लिए घंटों टेलीफोन एक्सचेंज में बैठकर समय बर्बाद होता था । फिर एस .टी डी. सेवा ने मनुष्य का जीवन सरल बना दिया । परन्तु मोबाइल सेवा ने तो सभी हदें ही पार कर दीं । मोबाइल फोन के द्वारा न केवल हम अपने संबंधियों से बात कर सकते हैं, बल्कि अपने मनपसंद गाने सुन सकते हैं, इंटरनेट का प्रयोग कभी भी, कहीं भी कर सकते हैं । मोबाइल पर गेम्स भी खेल सकते हैं । अपने मित्रों, सगे–संबंधियों को संदेश भी भेज सकते हैं । मोबाइल ने पुलिस का काम भी आसान कर दिया है । कहीं भी चोरी, जुर्म, गुंडागर्दी, लूटमार होती है तो पुलिस को मिनटों में ही इसकी खबर लग जाती है और वे कुछ ही मिनटों में अपनी गुप्तचर एजेंसियों को खबर कर देते हैं जिस द्वारा अपराधी जल्दी ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाता है । पुलिस ने फोन की सहायता से अनेक कठिन मसले हल किए हैं । मोबाइल फोन ने हमारी आर्थिकता पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है । मोबाइल कंपनी वाले प्रतिदिन नई-नई योजनों एवं नए मोबाइलों के द्वारा लोगों का हमान अपनी ओर आकर्षित करतै है जिसके द्वारा वै तौ बड़े मुनाफे कमाते हैं परन्तु इसका असर हमारी जेबों पर पड़ता है । इस तरह कंपनियों वाले लोगों को दिनों-दिन कंगाल बनाए जा रहे हैं । सारा दिन मोबाइल फोन बजते रहते हैं तथा शांतिमय माहौल में खलल पैदा करते हैं । इसके प्रयोग का सबसे बड़ा नुकसान है दुर्घटनाओं मैं वृद्धि । कुछ लोग कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल चलाते समय फोन पर बातें करते रहते हैं जिस कारण सड़क पर चलते समय दुर्घटना का कारण बनते हैं । हर चीज के दो पहलू होते हैं । जहां किसी वस्तु के लाभ होते हैं वहीं कुछ हानियां भी होती हैं । मोबाइल के जहां इतने लाभ है वहीं पर हानियां भी हैं । यह बुराइयां मनुष्य द्वारा मोबाइल के गलत प्रयोग के कारण हैं । यदि मनुष्य इनका गलत प्रयोग करना बंद कर दे तो इसके लाभ ही लाभ हैं । यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वह इसका लाभ उठाए या हानि । On Aug 20, 2017 12:51 PM, "Shreenivas Naik" < [email protected]> wrote: > मोबाइल फोन आज के समय में सबसे उपयोगी और जरुरी वस्तु हो गई है. दुनिया में > आज के समय में हर दुसरे इन्सान के पास मोबाइल फोन है. पहले एक जगह से दूसरी > जगह बात करने के लिए चिट्ठियां चला करती थी, फोन में टेलीग्राम हुआ करते थे, > जिसमें नंबर लगाकर घंटों, या कई दिन तक इंतजार के बाद बात हो पाती थी. फिर कुछ > समय बाद घर में फोन आ गया, जिसे लैंडलाइन कहा गया. लैंडलाइन के द्वारा देश, > विदेश में सब जगह बात होने लगी. फिर कुछ समय बाद विज्ञान ने और तरक्की की और > वायरलेस फोन का निर्माण हुआ, जिसे मोबाइल कहा गया. > > मोबाइल आज के समय में मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है. मोबाइल फोन एक ऐसी चीज > है, जो इन्सान के साथ चोबीस घंटे रहती है. यह आज के समय में सबकी आदत बन गई, > जिसे लोग चाह कर भी नहीं छोड़ पाते है. मोबाइल के नेटवर्क ने देश दुनिया में > काफी तरक्की कर ली है, इसके टावर आजकल गाँव गाँव में खड़े है, जिससे नेटवर्क > में कोई परेशानी नहीं आती है. इसके द्वारा हम कभी भी किसी से बात कर सकते है. > मोबाइल के अनेकों फायदे है, लेकिन ये भी सच है इससे नुकसान भी बहुत है. और > सबसे अधिक इसके नुकसान बच्चों के जीवन में पड़ रहा है. आज हम आपको इसके फायदे व > नुकसान दोनों के बारे में बतायेंगें. > मोबाइल के फायदे (Mobile phone benefits) – > 1. मोबाइल है मल्टीटास्किंग – मोबाइल आज सिर्फ बात करने का जरिया नहीं है, > इसकी जगह स्मार्टफोन ने ली है. जो मनुष्य की तरह स्मार्टली काम करता है. > मोबाइल ने अलार्म घडी की जगह ले ली है, मोबाइल के द्वारा अच्छी से अच्छी फोटो > खींच सकते है, विडियो बना सकते है. मोबाइल में तरह तरह के गेम भी होते है, आप > इसमें मेल भी चेक कर सकते है. इसे छोटा कंप्यूटर कहा जाता है. ऍफ़ एम् (FM), > म्यूजिक प्लेयर, मूवी सब इसमें आसानी से चलती है. > 2. आसान कम्युनिकेशन – बात करने के लिए आज हर कोई छोटा, बड़ा, सस्ता महंगा > मोबाइल रखता है. मोबाइल को कभी भी साथ में ले जाया जा सकता है, साथ ही किसी > मुसीबत के होने पर इसके द्वारा हम आसानी से किसी से कांटेक्ट कर सकते है. > 3. टेक्नोलॉजी से जुड़ाव – मोबाइल टेक्नोलॉजी का नायाब नमूना है, जो > विज्ञान का चमत्कार है. मोबाइल में इन्टरनेट की सहायता से देश दुनिया के बारे > में जाना जा सकता है. सोशल मीडिया के द्वारा दूर बैठे, दोस्त, रिश्तेदार से > जुड़ा जा सकता है, उनके बारे में हमेशा अपडेट रहती है. मोबाइल जीपीएस नेवीगेशन > भी होता है, जिससे हम रास्ता पता कर सकते है. कही किसी जगह भटकने पर मोबाइल > हमें सही रास्ता भी दिखा देता है. मोबाइल से एक दुसरे को देखकर बात कर सकते > है, विडियो भेज सकते है. > 4. ज्ञान बढ़ता है – पहले किसी चीज को जानने के लिए या तो हम अपने टीचर से > पूछते थे, या बड़े या माँ बाप से. पहले ज्ञान किसी के द्वारा या सिर्फ किताब से > मिलता था, > पुस्तकालय जाकर किताब से ज्ञान लेना होता था, लेकिन अब बात अलग है, अब किसी > भी बात को जानने के लिए क्या बच्चा क्या बड़ा सब तुरंत गूगल करते है. मोबाइल > में इन्टरनेट के द्वारा हम ज्ञान की बातें, यहाँ वहां की न्यूज़ और भी सब कुछ > जान सकते है. बच्चे पुस्तक की बजाय मोबाइल खोलते है. किसी सब्जेक्ट में > परेशानी होने पर बच्चे तुरंत अपने दोस्त को फोन करके उसका जबाब पता कर लेते > है, और लाइव चैट के द्वारा आमने सामने बैठ पढाई कर लेते है. > 5. मोबाइल है तो सब कुछ है – अगर किसी के पास मोबाइल है मतलब उसके पास सब कुछ > है. सुबह वो अलार्म से आपको उठाएगा, इसमें रिमाइंडर के तौर पर जरुरी बातें सेव > कर सकते है. यह एक डायरी है, जिसमें नंबर सेव हो जाते है, फोटो और बहुत कुछ > सेव हो जाता है. इसमें कैलकुलेटर भी होता है, इसके साथ ही आप किसी चीज की > रिकॉर्डिंग भी कर सकते है. मोबाइल एप्प की सहायता से अपने बैंक अकाउंट देख > सकते है, घर में cctv कैमरा लगाकर उसका फुटेज भी देख सकते है. मोबाइल में एक > दुसरे को फनी मेसेज, जोक्स, विडियो भी भेज सकते है, जिससे लोगों को आजकल थोडा > बहुत हंसने का मौका मिल जाता है. > > मोबाइल फोन के नुकसान (Mobile phone disadvantages) – > 1. ध्यान भटकाता है – मोबाइल होने से सारा ध्यान उसी पर लगा रहता है, > विद्यार्थी के जीवन में तो ये सबसे अधिक दुष्प्रभाव डालता है. आजकल छोटे से > लेकर सभी बच्चे अच्छे से मोबाइल चला लेते, और दिन भर गेम, विडियो चलाते रहते > है. बच्चो में इसकी बहुत गन्दी आदत लग रही है, जिससे वे पढाई एवं दूसरी चीजों > में ध्यान ही नहीं लगा पाते है. बच्चे बाहर जाकर खेलने की बजाय मोबाइल में ही > लगे रहते है. बच्चों को मोबाइल की गन्दी आदत से बचाना चाइये, उनके लिए मोबाइल > चलाने का समय निश्चित कर देना चाहिए. > 2. सेहत में नुकसान – लगातार मोबाइल चलाने से आँखों को नुकसान होता है. बच्चे > एक टकटकी लगाये गेम खेलते है, जिससे कम उम्र में ही बच्चों की आँखें ख़राब होने > की शिकायत आजकल बढ़ती ही जा रही है. एक सर्वे के अनुसार मोबाइल से निकलने वाली > किरणें शरीर पर घटक प्रभाव करती है, जिससे बड़ी बड़ी बीमारियों के खतरे बढ़ रहे > है. मोबाइल कई बार जानलेवा भी साबित होता है. मोबाइल की बैट्री का आजकल भरोसा > नहीं रहता है, और हम इसकी सावधानी पर ध्यान भी नहीं देते है. मोबाइल बैटरी > फटने से कई लोग को घातक नुकसान हुए है, जिसकी ख़बरें समाचार पत्र पर आये दिन > आती रहती है. > 3. समय का दुरुपयोग – मोबाइल एक गन्दी लत है, जो पड़ जाये तो छुटाना मुश्किल > है. लोग आजकल कहते है, जैसे नशा मुक्ति केंद्र होते है, वैसे मोबाइल मुक्ति > केंद्र भी होना चाइये. दिनभर मोबाइल में लगे रहने से बच्चे ढंग से पढाई नहीं > करते, लोग अपना काम काज छोड़ मोबाइल की दुनिया में लगे रहते है, जिससे समय > बर्बाद होता है. लोग मोबाइल को देर रात तक चलाते रहते है, जिससे नींद पूरी > नहीं और शारीरिक परेशानियाँ सामने आती है. > 4. अपनों से दूर करता है – मोबाइल में लगे रहने से लोग अपने परिवार से दूर > होते जा रहे है. आजकल सभी की आदत होती है, दिन भर काम करके घर लौटकर मोबाइल > हाथ में ले लेते है और परिवार वालों के साथ बैठ कर भी किसी और दुनिया में रहते > है. कहते है मोबाइल बाहरी दुनिया से तो जोड़ता है, लेकिन अपने आसपास की दुनिया > से दूर करता जा रहा है. लोग फॅमिली टाइम को जरुरी नहीं समझते है, लेकिन ये > बहुत जरुरी है. > 5. एक्सीडेंट होते है – लोग गाड़ी चलाते समय भी मोबाइल का प्रयोग करते है, जो > की बिलकुल गलत है. इससे आये दिन बड़ी बड़ी दुर्घटना की खबर आती है. गाड़ी चलाते > वक़्त मोबाइल का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए, इससे ध्यान भटकता है. > 6. गलत आदतें पड़ रही है – मोबाइल में बहुत सी अवांछित चीजें भी होती है, जिसे > बच्चों को नहीं देखना चाहिए. आजकल कम उम्र में ही सबके पास मोबाइल होता है, और > फिर वे दुनिया की बातों में आकर गंदे गंदे मेसेज, विडियो एक दुसरे को भेजते > है, जिससे बच्चे समय से पहले ही बिगड़ने लगे है. > > मोबाइल फोन इतिहास (Mobile phone history) – > पहला मोबाइल फोन बना 1973 > पहला मोबाइल फोन कंपनी मोटोरोला > पहला मोबाइल भारत में 31 जुलाई, 1995 > मोबाइल हमारी सुविधा के लिए है, इसके नुकसान को ध्यान में रखकर इसका प्रयोग > किया जाना चाहिए. > -- 1. Webpage for this HindiSTF is : https://groups.google.com/d/forum/hindistf 2. For doubts on Ubuntu and other public software, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Frequently_Asked_Questions 3. 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