*खुदा खुद गवाह है * * * * इन्सान खुदगर्जी का मिसाल है * * ये तो इन्सान की खुदगर्जी है * * * *जो दोस्ती के नाम पे * * * *खुदा को कैद में रखना चाहता है* * सीनू pune*
2009/9/23 S Chander <[email protected]> > > *What friends I have!!* > > Khuda ne kaha dosti na kar, > dosti me tu kahi kho jayega. > Maine kaha, e Khuda, > kabhi jamin pe ake mere doston se mil, > Tu bhi upar jana bhul jayega!! > > *क्या खुदा ने मुझे दोस्त दिए !* > > खुदा ने कहा दोस्ती ना कर > > दोस्ती में तू कहीं खो जायेगा. > > मैंने कहा , ऐ खुदा > > कभी ज़मीं पर भी आके मेरे दोस्तों से मिल, > > तू भी ऊपर जाना भूल जायेगा! > > > -- நல்லதுசெய் நல்லதே நடக்கும் जन सेवा इश्वर सेवा cnu.pne
