thank u sir Dinesh K P GHS Alabanur Tq : Sindhanur Dt : Raichur
2016-08-21 17:07 GMT+05:30 Gurumurthy K <[email protected]>: > [8/21, 2:20 PM] Srinivas Bantwal Hindi: नुक्ता:- > उर्दू भाषा से हिन्दी भाषा में आए क ख ग ज फ वर्ण को अलग से बताने के लिए > इनके नीचे एक बिन्दु का प्रयोग (क़, ख़,ग़, ज़, फ़) किया जाता है। इस नीचे > लगने वाले बिन्दु को नुक्ता कहते हैं। > > · इस नुक्ता के प्रयोग से उस वर्ण के उच्चारण पर अधिक दबाव आ जाता है। > जैसे गज हिन्दी का शब्द है जिसका अर्थ हाथी होता है। गज़ लिखे जाने पर इसका > अर्थ एक नाप (Yards) के लिए हो जाता है। > > नुक्ता के प्रयोग के कुछ उदाहरण - > > ज़ - इज़रायल, रिलीज़, ब्लेज़र, ज़ज, कमज़ोर, मज़दूर, जि़ंदगी,इज़् > ज़त, मरीज़, ज़ुल्म, ज़रा, ज़ेवर, ज़ोरदार, जु़ल्फ आदि। > > फ़ - फादर, फीचर, फ़्रेंच, फ़ोटो, फ़र्ज़, फ़रियाद, फ़तवा, फ़जीहत,फ़की > र, फ़रमान, फ़रमाइश आदि। > > (अंग्रेजी भाषा में ज और फ के उच्चारण पर दबाव को बताने के लिए नुक्ता का > प्रयोग होता है।) > [8/21, 2:22 PM] Srinivas Bantwal Hindi: किसी व्यंजन अक्षर के नीचे लगाये > जाने वाले बिंदु को नुक्ता कहते हैं। उर्दू, अरबी, फ़ारसी भाषा से हिन्दी भाषा > में आए क ख ग ज फ वर्ण को अलग से बताने के लिए इनका प्रयोग किया जाता है > क्योंकि इन भाषाओँ से लिए गए शब्दों को हिन्दी में उच्चारित सही से नहीं किया > जा सकता था। नुक्ता के प्रयोग से उस वर्ण के उच्चारण पर अधिक दबाव आ जाता है। > > जैसे: ‘खुदा’ का अर्थ है हिंदी में ‘खुदी हुई ज़मीन’ और नुक्ता लग जाने से > ‘ख़ुदा’ का अर्थ ‘भगवान’ हो जाता है। > > कुछ नुक्ता वाले शब्द- > > कमज़ोर, तूफ़ान, ज़रूर, इस्तीफ़ा, ज़ुल्म, फ़तवा, मज़दूर, ताज़ा, फ़कीर, फ़र्ज़, ज़ेवर, > ज़ोर, फ़्रेंच, जि़ंदगी, इज़्ज़त, फ़रमान, रिलीज़, ब्लेज़र, ज़मानत, रफ़ू आदि। > > क, ख, ग में नुक्ता का प्रयोग हिंदी भाषा में अनिवार्य नहीं है परन्तु 'ज़' और > 'फ़' में नुक्ता लगाना आवश्यक है। > > स्पर्श I में प्रयुक्त नुक्ता वाले शब्द- > > साफ़, दर्ज़ा, ज़रा, बाज़ार, तरफ़, ज़माना, ख़रबूज़े, ज़िन्दा, बरफ़, तेज़, बर्फ़, काफ़ी, > सब्ज़ियों, मेहमाननवाज़ी, ज़िक्र, शराफ़त, गुज़र, उफ़, अफ़सर, दफ़्तर, ज़ोर, प्रोफ़ेसर, > गुज़रने, परहेज़, चीज़ें, पुर्ज़े, फ़ायदा, मज़हबी, ऐतराज़, नमाज़, आज़ाद, रोज़े, > गिरफ़्तार, रोज़, फौजी, ज़ुल्मों, हफ़्ते, ज़रूरत, सफ़ेद, ताज़े, हज़ारों > [8/21, 2:23 PM] Srinivas Bantwal Hindi: हिन्दी भाषा के शब्दों में आमतौर पर > नुक्ता बहुत कम लगता है लगभग ना के बराबर। दरसल हिन्दी भाषा में नुक्ता लगाने > का उपयोग फ़ारसी-उर्दू के शब्दों के उच्चारण को सही रखने के लिए किया गया था > क्योंकि इन भाषाओँ से लिए गए शब्दों को हिन्दी में उच्चारित सही से नहीं किया > जा सकता था। और आज की प्रचलित हिन्दी में जो फ़ारसी-उर्दू के शब्द हैं उनके > हिन्दी शब्द पहले से ही उपस्थित हैं। जैसे आपने स्वयं ही लिखा है ग़म के लिए > दुःख, खुदा के लिए भगवान, और ज़मीन के लिए भूमि, ज़ेवर के लिए गहने या आभूषण > इत्यादि। हिन्दी का केवल एक शब्द इस समय मेरे ध्यान में आ रहा है जिसपर नुक्ता > लगता है और वह है सफ़ल। दरसल आज प्रचलित हिन्दी खिचड़ी हिन्दी है जिसमें > फ़ारसी-उर्दू के अतिरिक्त अन्य बहुत सी भाषाओँ के शब्द घुलमिल गए हैं और इसके > लिए कोई मानकीकरण भी नहीं है। इसलिए नुक्ता के लिए कोई नियम या सिद्धाँत नहीं > बताया जा सकता। आप बस इतना कर सकते हैं कि जिस शब्द के बारे में आपको नुक्ता > लगाने को लेकर भ्रम हो आप किसी से पूछ सकते हैं लेकिन उसपर भी गारण्टी कम ही > है कि किसी को पता होगा क्योंकि इन बारीकियों पर कम ही लोग ध्यान देते हैं। या > फिर आप विशुद्ध हिन्दी के शब्दों का उपयोग कर सकते हैं जिनमें नुक्ता लगभग ना > के बराबर लगता है। वैसे विशुद्ध हिन्दी बोलने में भले ही थोड़ा अजीबोगरीब लगे > लेकिन लिखने को आप लिख सकते हैं। भाषण, व्याख्यान, प्रवचन इत्यादि में विशुद्ध > हिन्दी आमतौर पर बोलने के लिए भी प्रयुक्त हो जाती है। > [8/21, 2:27 PM] Srinivas Bantwal Hindi: नुक़्ता > > नुक़्ता देवनागरी, गुरमुखी और अन्य ब्राह्मी परिवार की लिपियों में किसी > व्यंजन अक्षर के नीचे लगाए जाने वाले बिंदु को कहते हैं। इस से उस अक्षर का > उच्चारण परिवर्तित होकर किसी अन्य व्यंजन का हो जाता है। मसलन 'ज' के नीचे > नुक्ता लगाने से 'ज़' बन जाता है और 'ड' के नीचे नुक्ता लगाने से 'ड़' बन जाता > है। नुक़्ते ऐसे व्यंजनों को बनाने के लिए प्रयोग होते हैं जो पहले से मूल > लिपि में न हों, जैसे कि 'ढ़' मूल देवनागरी वर्णमाला में नहीं था और न ही > यह संस्कृत में पाया जाता है। अरबी-फ़ारसी लिपि में भी अक्षरों में नुक़्तों > का प्रयोग होता है, उदाहरणार्थ 'ر' का उच्चारण 'र' है जबकि इसी अक्षर में > नुक़्ता लगाकर 'ز' लिखने से इसका उच्चारण 'ज़' हो जाता है। > > मूल रूप से 'नुक़्ता' अरबी भाषा का शब्द है और इसका मतलब 'बिंदु' होता है। > साधारण हिन्दी-उर्दू में इसका अर्थ 'बिंदु' ही होता है। > > नुक़्ता वाले अक्षर > > हिन्दी में प्रयोग होने वाले नुक़्तेदार अक्षर और उनके बिना नुक्ते वाले रूप > नीचे की तालिका दिए गए हैं। उनके हन्टेरियन लिप्यन्तरण और अन्तर्राष्ट्रीय > ध्वन्यात्मक वर्णमाला चिह्न भी दिए गए हैं। जहाँ उपलब्ध है उनके लिए एक बजाई > जा सकने वाले ध्वनि भी दी गई है। > हिन्दी में नुक्ते के प्रयोग के विषय में मानक > नुक्ता लम्बे समय से हिंदी विद्वानों के बीच विमर्श का विषय रहा > है। किशोरीदास वाजपेयी (हिंदी शब्दानुशासन, नागरी प्रचारिणी सभा) > जैसे व्याकरण के विद्वान हिन्दी लेखन में नुक्ता लगाने के पक्ष में नहीं हैं। > उनका कहना है कि ये सब शब्द अब हिंदी के अपने हो गए हैं और हिंदी भाषी इन > शब्दों का उच्चारण ऐसे ही करते हैं जैसे उनमें नुक्ता नहीं लगा हो। बहुत कम > लोगों को उर्दू के नुक्ते वाले सही उच्चारण का ज्ञान है। > > केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा जारी मानक हिन्दी वर्तनी के अनुसार उर्दू से > आए अरबी-फ़ारसी मूलक वे शब्द जो हिंदी के अंग बन चुके हैं और जिनकी विदेशी > ध्वनियों का हिंदी ध्वनियों में रूपांतर हो चुका है, हिंदी रूप में ही स्वीकार > किए जा सकते हैं। जैसे :– कलम, किला, दाग आदि (क़लम, क़िला, दाग़ नहीं)। पर > जहाँ उनका शुद्ध विदेशी रूप में प्रयोग अभीष्ट हो अथवा उच्चारणगत भेद बताना > आवश्यक हो (जैसे उर्दू कविता को मूल रूप में उद्दृत करते समय) , वहाँ उनके > हिंदी में प्रचलित रूपों में यथास्थान नुक्ते लगाए जाएँ। जैसे :– खाना : > ख़ाना, राज : राज़, फन : हाइफ़न आदि। > [8/21, 2:30 PM] Srinivas Bantwal Hindi: http://bharatdiscovery.org/ > india/नुक़्ता > [8/21, 2:31 PM] Srinivas Bantwal Hindi: 👆� Nukthaa ke baare me Aur bhi > Adhik jaanakaari chaahiye tho Uparyukt Link par click keejiye.👍 > > -- > 1. Webpage for this HindiSTF is : https://groups.google.com/d/ > forum/hindistf > Hindi KOER web portal is available on http://karnatakaeducation.org. > in/KOER/en/index.php/Portal:Hindi > > 2. For Ubuntu 14.04 installation, visit http://karnatakaeducation.org. > in/KOER/en/index.php/Kalpavriksha (It has Hindi interface also) > > 3. For doubts on Ubuntu and other public software, visit > http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/ > Frequently_Asked_Questions > > 4. If a teacher wants to join STF, visit http://karnatakaeducation.org. > in/KOER/en/index.php/Become_a_STF_groups_member > > 5. Are you using pirated software? Use Sarvajanika Tantramsha, see > http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Why_public_software > सार्वजनिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक सॉफ्टवेयर > --- > You received this message because you are subscribed to the Google Groups > "HindiSTF" group. > To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an > email to [email protected]. > To post to this group, send email to [email protected]. > Visit this group at https://groups.google.com/group/hindistf. > To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/ > msgid/hindistf/CANJf2f--Fgi1W0Zi6XL%2Bmxs6H46uYoC57tKP3P5Fg%3D% > 3DQeC6Jvw%40mail.gmail.com > <https://groups.google.com/d/msgid/hindistf/CANJf2f--Fgi1W0Zi6XL%2Bmxs6H46uYoC57tKP3P5Fg%3D%3DQeC6Jvw%40mail.gmail.com?utm_medium=email&utm_source=footer> > . > For more options, visit https://groups.google.com/d/optout. > -- 1. Webpage for this HindiSTF is : https://groups.google.com/d/forum/hindistf Hindi KOER web portal is available on http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Portal:Hindi 2. For Ubuntu 14.04 installation, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Kalpavriksha (It has Hindi interface also) 3. For doubts on Ubuntu and other public software, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Frequently_Asked_Questions 4. If a teacher wants to join STF, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Become_a_STF_groups_member 5. Are you using pirated software? Use Sarvajanika Tantramsha, see http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Why_public_software सार्वजनिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक सॉफ्टवेयर --- You received this message because you are subscribed to the Google Groups "HindiSTF" group. To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to [email protected]. To post to this group, send an email to [email protected]. Visit this group at https://groups.google.com/group/hindistf. To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/msgid/hindistf/CAKc%3DwfPMaONDxB5NkE%3Duwi6qgPocN7VozOt7Y5HxLU14Fy3KhQ%40mail.gmail.com. For more options, visit https://groups.google.com/d/optout.
