BAHUT BADIYA HAI JI DHANYAVAD.
2017-02-19 12:25 GMT+05:30 Shreenivas Naik < [email protected]>: > प्रोफ़ेसर रमाकांत अग्निहोत्री कहते हैं, “जब हम स्कूल में बच्चों को > पढ़ना-लिखना सिखाने का प्रयास करते हैं तो अक्सर भूल जाते हैं कि हर बच्चे में > भाषा सीखने की असीम क्षमता होती है।” इन पंक्तियों का जिक्र उनके आलेख *‘बच्चों > की भाषा सीखने की क्षमता’ में आता है।* > > भाषा शिक्षण की उन दस ख़ास बातों की चर्चा करेंगे जो बच्चों को पढ़ाते समय > हमें ध्यान रखनी चाहिए। > सबसे पहली बात > > बच्चे पढ़ने के दौरान वर्ण और मात्राओं को आपस में मिलाकर बोलते हैं। पहचाने > हुए वर्ण और मात्राओं से मिलकर बनने वाले शब्दों को बच्चे पढ़ पाते हैं। अगर > वे वर्ण में मात्रा लगने के बाद उसमें होने वाले बदलाव को समझ पाते हैं। > > ऐसा भी हो सकता है कि बच्चे शुरुआत में हर वर्ण को अलग-अलग पढ़ने की कोशिश > करें। जैसे एक को ए, क पढ़ें। इसके लिए बच्चों को वर्ण मिलाकर शब्द बनाने का > मौखिक और लिखित अभ्यास > <https://educationmirror.org/2016/01/06/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8/> > करवाया > जा सकता है। अभ्यास के बाद बच्चों को ख़ुद से ऐसा करने के लिए काम दिया जा > सकता है और उसे करने के दौरान बच्चे के पास जाकर देखा जा सकता है कि वह ख़ुद > से वर्णों को आपस में मिला पा रहा है या नहीं। > दूसरी बात > > हमें कक्षा में घूमकर देखना चाहिए कहीं बच्चे केवल लिखने का काम तो नहीं कर > रहे हैं, इसके लिए बच्चों से पूछा जा सकता है कि वर्णों को आपस में मिलाने पर > बनने वाला शब्द क्या है? वे उसे बोलकर बताएं। अगर बच्चा नहीं बोल पाए तो उसे > बोलकर बताएं। हमारे बताने का तरीका अगर प्रासेस के ऊपर केंद्रित होगा तो उससे > बच्चों को समझकर सीखने में मदद मिलेगी, जिसे वे ख़ुद अभ्यास करके ज़्यादा > पुख़्ता बना पाएंगे। > > तीसरी ध्यान देने वाली बात है कि कुछ वर्णों में मात्राओं का प्रयोग नहीं > होता है जैसे आ, ऐ, ई, ओ, औ। इनके साथ मात्राओं का ज्ञान बच्चों को नहीं > करवाया जा सकता है। इसलिए मात्रा ज्ञान करवाने से पहले बच्चों को ऐसे वर्ण > जरूर सिखाएं > <https://educationmirror.org/2016/01/18/how-to-teach-hindi-letters/> जिनके > साथ बच्चे मात्राओं का आसानी से प्रयोग कर सकें। > > *चौथी गौर करने वाली बात* है कि बहुत से बच्चों के लिए वर्णों को लिखना बहुत > आसान सी बात होती है क्योंकि वे आकृतियों को बड़ी आसानी से पहचान पाते हैं। > लेकिन हर बच्चे को वर्ण लिखने में सहूलियत हो, इसके लिए वर्ण लिखने का तरीका > (स्ट्रोक्स बनाना) बता सकते हैं। इससे उनको लिखने का एक तरीका मालूम हो जाएगा। > इसके बाद बच्चा स्वयं अपने लिखने का तरीका खोज सकता है। > > *पांचवी मगर सबसे ध्यान देने वाली बात,* “भाषा की कक्षा में बच्चों को अपनी > भाषा में अभिव्यक्ति का ज्यादा से ज्यादा मौका दें > <https://educationmirror.org/2015/10/26/books-for-all-in-india-reading-culture/>। > हर बच्चे को यह अवसर मिले इस बात का विशेष ध्यान रखें और कक्षा के तीन-चार > बच्चों की आवाज़ को पूरी क्लास की आवाज़ न समझें।” > हर बच्चे के सीखने की रफ्तार अलग होती है > > छठीं बात में हम आपका ध्यान इस बात पर दिलाना चाहते हैं कि हर बच्चे के भाषा > सीखने की गति अलग-अलग होती है। इस नज़रिये से हर बच्चे को मिलने वाला सपोर्ट > भी अलग-अलग स्तर का होगा। इसलिए हर बच्चे की कॉपी चेक करें। इससे आपको यह > जानने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे को कहां पर सपोर्ट की जरूरत है। > > *सातवीं बात* यह कि हमें पहली कक्षा के बच्चों को अपने घर की भाषा में संवाद > करने का मौका > <https://educationmirror.org/2015/12/12/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95/>देना > चाहिए। इससे वे क्लास में सहज महसूस करेंगे। भाषा कालांश के दौरान अगर कोई > निर्देश बच्चों को समझ में नहीं आता है तो आप बच्चों के घर की भाषा में उनसे > बात करें। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे क्लास में सहज महसूस > करते हैं। > > *आठवीं बात:* वर्णों की पहचान के लिए एक या दो वर्णों पर लगातार काम करें। > जिन वर्णों या अक्षरों की बनावट एक जैसी हो उनके पढ़ाने में थोड़ा अंतराल > रखें। बच्चों को एक साथ पूरी वर्णमाला रटाने की कोशिश न करें, इससे बच्चों को > वर्णों की पहचान में समस्या हो सकती है। हर वर्ण एक आवाज़ का प्रतीक है। इसलिए > वर्णों को लिखने का अभ्यास करवाते समय वर्णों का सही उच्चारण करें। इससे > बच्चों को वह वर्ण पहचानने में आसानी होगी। > > *नौवीं बात:* पहली-दूसरी के बच्चों को मात्रा सिखाते समय, एक मात्रा पर > दो-तीन दिन लगातार काम करें। ताकि बच्चे मात्रा लगने के बाद वर्ण की आवाज़ में > होने वाले बदलाव को समझ सकें। मात्राएं सिखाने का सही तरीका है कि बच्चों को > पहले मात्राओं के प्रतीक बताएं और उसकी आवाज़ से परिचित कराएं। इसके बाद किसी > वर्ण के साथ मात्रा लगाकर उसकी आवाज़ में होने वाले बदलाव के बारे में बच्चों > से पूछें जैसे क में ई की मात्रा लगने के बाद हो गया की, इसके बाद की में > मात्रा हटाकर बताएं कि ये है ‘क’। इसके बाद आप बच्चों को ख़ुद से जवाब देने के > लिए कह सकते हैं। हर बच्चे के साथ व्यक्तिगत तौर पर इस तरह की प्रक्रिया > अपनाने से बच्चा आसानी से मात्राओं का इस्तेमाल > <https://educationmirror.org/2016/01/05/how-children-will-learn-matra-in-hindi-ncert-book-grade-one/> > करना > सीख पाएगा। इससे बच्चों को बारहखड़ी रटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। > और आखिर में > > अगर हम पहली कक्षा के बच्चों को हिंदी पढ़ाते समय सुनकर समझने की क्षमता > विकसित करने का मौका देना जरूरी है। इससे आगे जाकर बच्चों को बोलने और पढ़ने > में मदद मिलती है। इसके लिए बच्चों को कहानी सुनायी जा सकती है > <https://educationmirror.org/2016/01/13/%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%80/>। > कहानी सुनाने के बाद इसके मूल संदेश को बच्चों की भाषा में भी बताया जा सकता > है। इससे बच्चों को भाषा सीखने के आनंद से जुड़े रहने का मौका मिलता है। > बालगीत और कविताओं के इस्तेमाल से भाषा कालांश की रोचकता और सार्थकता बढ़ जाती > है, इसलिए भाषा शिक्षक को चाहिए कि इनका भरपूर इस्तेमाल करें। > > -- > 1. Webpage for this HindiSTF is : https://groups.google.com/d/ > forum/hindistf > Hindi KOER web portal is available on http://karnatakaeducation.org. > in/KOER/en/index.php/Portal:Hindi > > 2. For Ubuntu 14.04 installation, visit http://karnatakaeducation.org. > in/KOER/en/index.php/Kalpavriksha (It has Hindi interface also) > > 3. For doubts on Ubuntu and other public software, visit > http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/ > Frequently_Asked_Questions > > 4. If a teacher wants to join STF, visit http://karnatakaeducation.org. > in/KOER/en/index.php/Become_a_STF_groups_member > > 5. Are you using pirated software? Use Sarvajanika Tantramsha, see > http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Why_public_software > सार्वजनिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक सॉफ्टवेयर > --- > You received this message because you are subscribed to the Google Groups > "HindiSTF" group. > To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an > email to [email protected]. > To post to this group, send email to [email protected]. > Visit this group at https://groups.google.com/group/hindistf. > To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/ > msgid/hindistf/CAOWNnMHgF08vVppR4aw__YugqLoov-T24PV8HvMF5zJbOzCFCg% > 40mail.gmail.com > <https://groups.google.com/d/msgid/hindistf/CAOWNnMHgF08vVppR4aw__YugqLoov-T24PV8HvMF5zJbOzCFCg%40mail.gmail.com?utm_medium=email&utm_source=footer> > . > For more options, visit https://groups.google.com/d/optout. > -- 1. Webpage for this HindiSTF is : https://groups.google.com/d/forum/hindistf Hindi KOER web portal is available on http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Portal:Hindi 2. For Ubuntu 14.04 installation, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Kalpavriksha (It has Hindi interface also) 3. For doubts on Ubuntu and other public software, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Frequently_Asked_Questions 4. If a teacher wants to join STF, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Become_a_STF_groups_member 5. Are you using pirated software? Use Sarvajanika Tantramsha, see http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Why_public_software सार्वजनिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक सॉफ्टवेयर --- You received this message because you are subscribed to the Google Groups "HindiSTF" group. To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to [email protected]. To post to this group, send an email to [email protected]. Visit this group at https://groups.google.com/group/hindistf. To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/msgid/hindistf/CACZuRH2Jj5T5bp5o_SoFJaL8NO%3DE3NKOCOpwxcVDvjLdQH_14g%40mail.gmail.com. For more options, visit https://groups.google.com/d/optout.
